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न जाने तुझमें ऐसा क्या है

न जाने तुझमें ऐसा क्या है तुम्हें देखते ही तुम्हारा मैं हो गया भोली सी सूरत हसीन जुल्फों में मैं खो गया आपकी वादो में अपनी मंजिलों को तलाश करता हूं चाहे जिस तरह इंतहान ले लो मैं तुमसे प्यार करता हूं

 वह अपनों से ज्यादा गैरों से करती है मोहब्बत अगर इतनी मोहब्बत अपनों से करती जिंदगी मझधार में नहीं होती अपनों को जीने का सहारा मिल जाता नहीं भटकते प्यार के लिए दर-दर जिंदगी के मझधार में किनारा मिल जाता

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Shayari images, Hindi shayari photos, shayari Sangrah  मुझसे बात-बात पर तकरार करना छोड़ दो यदि तुमको प्यार नहीं है फिर इस रिश्ते को तोड़ दो यदि सच में मुझसे प्यार करती हो तो नाराज रहना छोड़ दो बिना प्यार के तन्हा हूं अब मुझे परेशान करना छोड़ दो  मेरे प्यार को समझोगी इजहार करने में बहुत हिचकिचाहट है आंखों ही आंखों में प्यार हो रहा है बस इसी से थोड़ी-सी राहत है

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मेरा वक्त गुजरता रहा

 यह सच है काफी मेहनत करने के बाद भी जब मंजिल नहीं मिलती तो इंसान निराश हो जाता है मंजिल सिर्फ उसको मिलती है जो मंजिल को पाने के लिए अपनी आखिरी सांस भी निछावर कर देता है जब हम किसी कामयाब व्यक्ति को देखते हैं तो हमारे मन में एक सवाल पैदा होता है कि काश मैं भी ऐसा होता लेकिन शायद हम यह नहीं सोच पाते की जितनी मेहनत उसने की है क्या हम कभी कर पाएंगे 1. मेरा वक्त गुजरता रहा उनके इंतजार में उस गली में वह दोबारा लौटकर नहीं आए उनकी राहों पर आंखें टिकी रही और शाम हो गई अब निराश होकर लौटना तो था लेकिन दिल कहता रहा थोड़ा और इंतजार कर लो 2. तुम्हारे वादों में हम उलझ कर लगता है मर जाएंगे क्योंकि हर मुलाकात पर अपने वादे से मुकरते हुए नजर आते हो